मंदिर के बारे में

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर धाम ग्राम चिरुहुली, जिला औरैया, उत्तर प्रदेश, भारत में स्थित एक पावन धार्मिक स्थल है।इस मंदिर का निर्माण संवत 2066 में महंत श्री श्री राम शरण जी (राम जी) द्वारा कराया गया था। मंदिर की स्थापना के समय से ही महंत श्री श्री राम शरण जी ने स्वयं को श्री हनुमान जी की सेवा एवं मंदिर की धार्मिक परंपराओं के लिए समर्पित किया है।मंदिर की सेवा में भगत बृजेश जी भी निरंतर सहयोग एवं सेवा प्रदान कर रहे हैं। दोनों श्रद्धा और समर्पण के साथ मंदिर धाम की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं। पंचमुखी हनुमान जीश्री पंचमुखी हनुमान जी का स्वरूप धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है। पंचमुखी स्वरूप के पाँच मुखों को हनुमान, नरसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव के रूप में जाना जाता है।श्री हनुमान जी को शक्ति, साहस, बुद्धि, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक माना जाता है। भक्त श्रद्धा एवं विश्वास के साथ पंचमुखी हनुमान जी के दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर धाम की स्थापनासंवत 2066 में ग्राम चिरुहुली, जिला औरैया, उत्तर प्रदेश में इस पावन मंदिर धाम का निर्माण कराया गया।मंदिर की स्थापना के बाद से महंत श्री श्री राम शरण जी (राम जी) लगातार मंदिर की सेवा से जुड़े हुए हैं। उनके साथ भगत बृजेश जी भी मंदिर धाम की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं।समय के साथ यह धाम श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, दर्शन और आध्यात्मिक आस्था का स्थान बनता गया। श्रद्धालुओं के लिएइस पावन धाम में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार: श्री पंचमुखी हनुमान जी के दर्शन पूजा एवं आरती हनुमान चालीसा एवं मंत्र पाठ श्री हनुमान जी का स्मरण धार्मिक कथाओं का श्रवण एवं अध्ययनकर सकते हैं।हमारा प्रयास है कि श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर धाम से जुड़ी धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुँचे। सेवा ही साधना हैमंदिर की सेवा में लगे महंत श्री श्री राम शरण जी (राम जी) एवं भगत बृजेश जी श्रद्धा और समर्पण के साथ मंदिर धाम की सेवा कर रहे हैं।भगवान श्री हनुमान जी की कृपा सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे और सभी को सद्बुद्धि, साहस, शक्ति एवं भक्ति प्राप्त हो—यही प्रार्थना है। जय श्री राम जय बजरंगबली श्री पंचमुखी हनुमान जी महाराज की जय

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